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जल्दी पटरी पर दौड़ेगी भारत की पहली मेड इन इंडिया बुलेट ट्रेन, जानें मुंबई से अहमदाबाद का सफर कब से हो सकता है शुरू?

Edited By: Shivendra Singh Published : Mar 11, 2026 03:46 pm IST, Updated : Mar 11, 2026 04:14 pm IST

भारत में हाई-स्पीड रेल का सपना अब हकीकत बनने के करीब है। देश की पहली मेड इन इंडिया बुलेट ट्रेन जल्द ही पटरी पर दौड़ती नजर आ सकती है। केंद्र सरकार ने पुष्टि की है कि मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के एक हिस्से पर सबसे पहले स्वदेशी ट्रेनसेट चलाया जाएगा।

भारत की पहली बुलेट...- India TV Paisa
Photo:CANVA भारत की पहली बुलेट ट्रेन (सांकेतिक तस्वीर)

भारत का बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट अब तेजी से आगे बढ़ रहा है। देश की पहली हाई-स्पीड रेल परियोजना मुंबई-अहमदाबाद कॉरिडोर को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। सरकार ने संकेत दिए हैं कि इस रूट पर चलने वाली पहली ट्रेन मेड इन इंडिया बुलेट ट्रेन होगी। यह ट्रेनसेट B28 नाम से तैयार किया जा रहा है और इसके अगस्त 2027 तक शुरू होने की उम्मीद है। इस कदम से भारत न केवल हाई-स्पीड रेल नेटवर्क की दिशा में आगे बढ़ेगा, बल्कि स्वदेशी तकनीक को भी बढ़ावा मिलेगा।

पहले इस रूट पर शुरू होगा संचालन

रेल मंत्रालय की ओर से संसद की स्थायी समिति को दी गई रिपोर्ट के अनुसार, बुलेट ट्रेन का पहला संचालन सूरत से वापी के बीच 97 किलोमीटर लंबे सेक्शन पर शुरू किया जाएगा। यह हिस्सा मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल (MAHSR) प्रोजेक्ट का पहला ऑपरेशनल सेगमेंट होगा। B28 ट्रेनसेट की अधिकतम रफ्तार 280 किलोमीटर प्रति घंटा तक होगी, जिससे यात्रियों को बेहद तेज और आरामदायक सफर का एक्सपीरिएंस मिलेगा।

क्यों चुनी गई मेड इन इंडिया B28 ट्रेन

सरकार ने शुरुआत में इस प्रोजेक्ट के लिए जापान की शिंकानसेन तकनीक को अपनाया है। हालांकि जापान अभी नई E10 सीरीज ट्रेन विकसित कर रहा है और उसकी तैनाती की समयसीमा स्पष्ट नहीं है। इसी वजह से शुरुआती संचालन के लिए स्वदेशी B28 ट्रेनसेट का उपयोग करने का फैसला लिया गया है। इन ट्रेनों का निर्माण भारत की सरकारी कंपनी BEML कर रही है। इससे देश में हाई-स्पीड रेल तकनीक के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ेगी।

सिग्नलिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर पर तेजी से काम

रेल मंत्रालय के मुताबिक, बुलेट ट्रेन के लिए आधुनिक सिग्नलिंग सिस्टम पर भी काम शुरू हो चुका है। इसके लिए ETCS लेवल-2 तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा, जो दुनिया भर में हाई-स्पीड रेल के लिए उपयोग होती है। इसके अलावा परियोजना के तहत कई अहम काम जारी हैं, जैसे-

  • हाई-स्पीड ट्रैक बिछाना
  • सिविल स्ट्रक्चर तैयार करना
  • बिजली आपूर्ति की व्यवस्था
  • सिग्नलिंग और टेलीकॉम नेटवर्क
  • ट्रेनसेट की आपूर्ति

क्यों बढ़ गई प्रोजेक्ट की लागत

जब इस प्रोजेक्ट की शुरुआत 2015 में हुई थी, तब इसकी अनुमानित लागत 97,636 करोड़ रुपये थी। लेकिन समय के साथ कई नए खर्च जुड़ने से लागत बढ़ गई है। लागत बढ़ने के प्रमुख कारणों में टैक्स और सेस, यूटिलिटी शिफ्टिंग, स्टेशन एप्रोच डेवलपमेंट, बिजली आपूर्ति और नई तकनीक शामिल हैं। इसके अलावा जमीन अधिग्रहण और पुनर्वास पर करीब 16,695 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है, खासकर मुंबई जैसे बड़े शहरों में जमीन महंगी होने की वजह से।

इंटरसिटी यात्रा में आएगा बड़ा बदलाव

मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट भारत की पहली हाई-स्पीड रेल लाइन है और इसे देश की सबसे महत्वाकांक्षी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में गिना जाता है।इसके पूरा होने के बाद मुंबई और अहमदाबाद के बीच यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा। साथ ही भारत को हाई-स्पीड रेल तकनीक के क्षेत्र में नई पहचान मिलेगी।

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